what is hormone therapy for cancer

what is hormone,therapy,Hormone therapy  Hormone therapy can treat some types of cancer, including prostate cancer and breast cancer, by taking advantage of the disease's dependence on hormones to grow.


Hormone therapy works by either stopping the body from producing hormones or interfering with how hormones affect the body.

eyesight improving with age | उम्र के साथ आंखों सुधार

               
eye sight improve with age,improve eye sigh

 eyesight improving with age

  उम्र के साथ दृष्टि में सुधार

★★★ सुंदर आंखें इंसान की सुंदरता में चार चांद लगाती हैं क्योंकि इन्हीं अनमोल आखों से वह कुदरत के खूबसूरत नजारों को देख पाता है। 

2.इसीलिए जरूरी है आंखों को बीमारियों से बचाना। आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए आंखों की सफाई और आंखों का व्या‍याम करना जरूरी है। 

3.आंखों की देखभाल के लिए विटामिन-ए युक्त भोजन भी करना चाहिए जो आंखों की रोशनी तेज करता है और आंखों की समस्याओं से व्यक्ति को बचाता है। आइए जानें आंखों की सेहत के नुस्खों के बारे में। 

4.आंखों के प्रति लापरवाही बरतने से आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, आंखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

diabetes | how to treat it |

आजकल मधुमेह की बीमारी आम बीमारी है। डायबिटीज भारत में 15 करोड 70 लाख कों है और 3 करोड लोगों को हो जाएगी अगले कुछ सालों में सरकार ये कह रही है । हर दो मिनट में एक मौत हो रही है

1.डायबिटीज से और क​म्प्लकेशन तो बहुत हो रहे है... किसी की किडनी खराब हो रही है, किसी का लीवर खराब हो रहा है किसी को ब्रेन हेमरेज हो रहा है, किसी को पैरालिसिस हो रहा है, किसी को ब्रेन स्ट्रोक आ रहा है, किसी को कार्डियक अरेस्ट हो रहा है, किसी को हार्ट अटैक आ रहा है कम्प्लकेशन बहुत है खतरनाक है 

correct order of eating food

सूम्पर्ण सेहत बिना डाक्टर-एक सपना या हकीकत? आज भारत में लगभग 80% लोग रोगी हैं, पर इन सभी बीमारियों के इलाज  के  लिए पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं। आज से 3000 वर्ष पूर्व महर्षि बागभट्ट द्वारा  रचित अष्टांग हृदयं के अनुसार, बीमार व्यक्ति ही अपना सबसे अच्छा चिकित्सक हो सकता है, बीमारियों से मुक्त रहने के लिए दैनिक आहार विहार द्वारा स्वस्थ रहने के सूत्रों के आधार पर हम ने  निम्न सूत्र बनाए हैं
1.रात को दाँत साफ करके सोये।

2.सुबह उठ कर गुनगुना पानी बिना कुर्ला किए, बैठ कर, घूंट – घूंट (sip-sip) करके पीये। एक दो गिलास जितना आप सुविधा से पी सकें ।
3.भोजनान्ते विषमबारी अर्थात भोजन के अंत में पानी पीना विष पीने के समान है। इस लिए खाना खाने से आधा घंटा पहले और डेढ घंटा बाद तक पानी नहीं पीना। डेढ घंटे बाद पानी जरूर पीना।
4.पानी के विकल्प में आप सुबह के भोजन के बाद मौसमी के फलों का ताजा रस पी सकते हैं (डिब्बे वाला नहीं),
5.दोपहर के भोजन के बाद छाछ और अगर आप हृदय रोगी नहीं हैं तो आप दहीं की लस्सी भी पी सकते हैं।
6. शाम के भोजन के बाद गर्म दूध। यह  आवश्यक है कि इन चीजो का क्रम उलट-पुलट मत करें।
7.पानी जब भी पीये बैठ कर पीये और घूंट – घूंट कर पीये।
8.फ्रिज (रेफ्रीजिरेटर) का पानी कभी ना पीये। गर्मी के दिनों में मिट्ठी के घडे का पानी पी सकते हैं।सुबह का भोजन सर्योदय के दो से तीन घंटे के अन्दर खा लेना चाहिए। आप अपने शहर में सर्योदय का समय देख लें और फिर भोजन का समय निश्चित कर लें।